भोपाल। मध्यप्रदेश मे जब मार्च माह से कोरोना संकट गहराता जा रहा हे। एवं पूरा स्वस्थ्य अमला इस कोरोना संकट से निपटने के लिये अपना योगदान दे रहा हे। उलट ही प्रदेश के पौने दो सो डॉक्टर अपने कर्तव्य स्थल से कई महिनो से गायब हे। चिकित्सक को भगवान का दर्जा दिया जाता हे मगर कोरोना संकट के समय ये चिकत्सक अपनी ड्यूटी भूल गये। आयुक स्वास्थ्य ने अपने जारी आदेश मे अनुपस्थित डॉक्टरों को 10 दिवस मे अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होने के लिये कहा हे। जिसके लिये बकायदा न्यूज़ पेपरो मे विज्ञापन के जरिये उपस्थित होने का प्रकाशन किया गया हे। देखते हे इस आदेश का अनुपस्थित डॉक्टर कितना पालन करते हे। प्रदेश के अन्य स्वास्थ्य स्टाफ ने कोरोना संकट मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हे।
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