जबलपुर में अपर आयुक्त की बेटी की शादी में शामिल 80 लोग कोरोना पॉजिटिव, कोर्ट में दाखिल हुई PIL

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एक्टिविस्ट ने हाइकोर्ट में लगाई याचिका

● लगभग 300 से ज्यादा मेहमानों ने की शिरकत

जबलपुर.–  कोरोना काल में नगर निगम के अपर आयुक्त राकेश अयाची के घर हुई शादी अब कोर्ट तक भी पहुंच गई है। दरअसल अपर आयुक्त की बेटी की शादी में महामारी की गाइड लाइन को दरकिनार करते हुए शहर के आलीशान होटल में तीन सौ से अधिक लोगों का जमावड़ा हुआ ।इस समारोह में जनपद के ब्यूरोक्रेट से लेकर नेता सभी शामिल हुए। यानि जिन लोगों को कोरोना महामारी से लोगों को बचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी वही लोग इतने गैर जिम्मेदार बन गए ।नतीजा ये हुआ कि इस शादी में शामिल 80 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जिनमें अपर आयुक्त महोदय भी शामिल हैं ।मामले ने जब मीडिया में तूल पकड़ा तो डीएम के निर्देश पर आयुक्त राकेश अयाची पर महामारी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज करा दिया लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि इस शादी में शामिल हुए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग करने में स्वास्थ्य महकमें को पसीने छूट रहे हैं और मामले बढ़ते जा रहे हैं।

कांटेक्ट हिस्ट्री को ट्रेस करने में प्रशासन को आया पसीना

इस हाई प्रोफाइल शादी की वजह से कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ़्तार और ट्रेसिंग ना हो पाने को लेकर अब शहर के आरटीआई एक्टविस्ट ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए इस शादी की ज्यूडिशियल जांच की मांग कर दी है. बता दें कि शहर के आलीशान होटल में गत 30 जून को हुए इस शादी समारोह में जबलपुर जिले के प्रशासनिक अधिकारीगण, पुलिस महकमे के अधिकारी और कई जन-प्रतिनिधि शामिल हुए थे. शादी में सम्मिलित हुए करीब 80 से ज्यादा लोग अब तक कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. जबकि इन संक्रमितों की कांटेक्ट हिस्ट्री को ट्रेस करने में प्रशासन हलकान है।

याचिकाकर्ता की मांग

याचिकाकर्ता अखिलेश त्रिपाठी ने इस याचिका के माध्यम से यह दलील पेश की है कि ‘जिनके हाथों में कोरोना के रोकथाम के जिम्मेदारी थी उन्होंने ही इस रफ्तार दे दी ।तमाम बड़े अधिकारी और राजनेता हुए थे शामिल जिस शादी समारोह में नियमों की धज्जियां उड़ी उस समारोह में शायद ही कोई ऐसा वरिष्ठ अधिकारी था जिसनें शिरकत ना की हो’ ।उनका आरोप है कि मीडिया के दबाव के बाद 14 जुलाई को इस मामले में मामूली धाराओं के तहत FIR जरुर दर्ज हुई लेकिन उसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। जनहित याचिका के माध्यम से यह मांग की गई है कि शादी समारोह के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग को सीज किया जाए और जांच की जाए कि आखिर किन-किन नियमों को ताक पर रखकर इतना बड़ा शादी समारोह आयोजित किया गया और शहर को कोरोना वायरस की रोकथाम के मामले में काफी पीछे धकेल दिया है।

 

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