गैर-भाजपा शासित 13 राज्यों में बंद का सबसे ज्यादा असर, कहीं जलाए टायर तो कहीं जाम किया हाईवे

नई दिल्ली। आज किसान आंदोलन के समर्थन में भारत बंद किया गया है। गैर-भाजपा शासित 13 राज्यों में बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। इन राज्यों में देश की आधी आबादी रहती है और करीब 4.82 करोड़ किसान परिवार रहते हैं। इनमें बड़े राज्य महाराष्ट्र और राजस्थान हैं। महाराष्ट्र में 1.10 करोड़ और राजस्थान में 71 लाख परिवार खेती पर निर्भर हैं। मुंबई के डब्बावालों ने भी किसानों और बंद को समर्थन दिया है। डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने कहा कि कृषि कानून बनाकर केंद्र देश के किसानों को खत्म कर देगा। इसी को लेकर उत्तर भारत के किसान विशाल प्रदर्शन कर रहे हैं। हम उनके समर्थन में हैं। राजस्थान में रोडवेज की बसों के पहिए थमे हुए हैं। हालांकि, इन्हें सिर्फ दोपहर 2 बजे तक बंद करने का फैसला किया गया है। जयपुर में लो फ्लोर बसें भी नहीं चल रहीं।
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्वाभिमानी शेतकारी संगठन ने ‘भारत बंद रेल रोकोÓ के तहत थोड़ी देर के ट्रेन रोकी। बाद में प्रदर्शनकारियों को पटरी से हटाकर हिरासत में ले लिया गया। भुबनेश्वर में भी प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोकीं।
हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने 8 दिसंबर को होने वाली सारी परीक्षाएं टाल दी हैं। इसका बदला शेड्यूल छात्रों को बताया जाएगा। 9 दिसंबर की परीक्षाएं यथावत रहेंगी।

राजस्थान में अनाज मंडियां बंद
भारत बंद का कांग्रेस शासित राजस्थान में किसान संगठनों और मंडी कारोबारियों ने समर्थन किया है। यहां पेट्रोल पंप, अस्पताल, मेडिकल शॉप्स सहित जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब कुछ बंद रहेगा।

जयपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी मुहाना टर्मिनल भी कल बंद रहेगी। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने भी बंद का समर्थन करते हुए प्रदेश की सभी 247 अनाज मंडियों को बंद रखने की अपील की है।

महाराष्ट्र में संवेदनशील मार्गों पर बसें नहीं चलेंगी, दूध सप्लाई नहीं
किसानों के भारत बंद का महाविकास अघाड़ी में शामिल तीनों दल यानी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने समर्थन किया है। समाजसेवी अन्ना हजारे मंगलवार को किसानों के समर्थन में अपने गांव रालेगण सिद्धि में एक दिन का अनशन करेंगे।

बंद को देखते हुए संवेदनशील मार्गों पर स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसों को नहीं चलाने का फैसला लिया गया है। बंद के दौरान राज्य में मेडिकल स्टोर और किराना दुकानें खुली रहेंगी। दूध उत्पादक संघ ने पूरे राज्य में मिल्क की सप्लाई रोकने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा फल और सब्जी की सप्लाई भी नहीं होगी। राज्य में सभी रेस्तरां सुबह 11 बजे से 3 बजे तक बंद रहेंगे। नासिक, पुणे, अहमदनगर और कोल्हापुर में मंडियां भी कल बंद रहेंगी।

पंजाब में पेट्रोल पंप भी शाम 5 बजे तक बंद रहेंगे
कांग्रेस शासित पंजाब में किसान आंदोलन को बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। यहां मंगलवार को पेट्रोल पंप भी सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेंगे। पंजाब पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के प्रधान परमजीत सिंह इसकी घोषणा कर चुके हैं। हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं और इससे जुड़ी गाडिय़ों को पेट्रोल पंप से फ्यूल मिलता रहेगा।

पंजाब में 3470 पेट्रोल पंप हैं, इनमें 4 लाख लीटर से ज्यादा फ्यूल बिकता है। राज्य के छोटे दुकानदार भी बंद के समर्थन में आ गए हैं।

झारखंड में ट्रेनों पर भी असर पड़ सकता है
झारखंड में भाजपा को छोड़कर लगभग सभी राजनीतिक दलों ने भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। राज्य के ष्टरू हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया में लिखा है कि देश की आन-बान-शान हैं हमारे मेहनती किसान। केंद्र सरकार की देश के मालिक को मजदूर बनाने की साजिश है।

झारखंड में सीटू के महासचिव प्रकाश विप्लव ने बताया कि भारत बंद के दौरान इमरजेंसी को छोड़कर सभी सेवाएं बंद रहेंगी। ट्रेन को भी रोका जाएगा। बस और ट्रक एसोसिएशन ने एक दिन के बंद की अपील की है।

छत्तीसगढ़ में विधायक करेंगे बंद की अगुआई
कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बंद का असर देखने को मिलेगा। कांग्रेस ने राजधानी रायपुर में बंद की अगुआई करने का जिम्मा विधायक विकास उपाध्याय पर सौंपा है। सोमवार को एक बैठक में सभी व्यापारियों से विधायकों ने बंद का समर्थन करने की अपील की है।

बाकी गैर-भाजपा शासित राज्यों का हल

केरल: यहां भी बड़े पैमाने पर बंद का असर दिखेगा। राज्य सरकार ने कृषि कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है।

बंगाल: सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार को किसानों के समर्थन में मिदनापुर में कहा- भाजपा सरकार को तुरंत कृषि विधेयकों को वापस लेना चाहिए या फिर केंद्र की सत्ता से हट जाना चाहिए। ममता जिस मंच से भाषण दे रही थीं, वहां सब्जियां भी रखी हुई थीं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने भारत बंद का खुलकर समर्थन नहीं किया है। दरअसल, कांग्रेस और लेफ्ट बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की तैयारी कर रही हैं।

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